Business Affected Due To Internet Blocked In Agra – बिना इंटरनेट चार दिन पड़े भारी, गैस सिलेंडर की आपूर्ति थमी, ऑनलाइन खाना भी नहीं मिला


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आगरा में इंटरनेट बंद होने का असर जहां टैक्सी सर्विस, खाना ऑर्डर करने, फिल्मों की बुकिंग पर पड़ा ही कारोबारियों के लिए भी चार दिन मुश्किल भरे बीते। माल की सप्लाई के लिए जरूरी ई-वे बिल जनरेट नहीं हो सका। इससे जरूरी चीजों के ऑर्डर भेजने में देरी हुई। 

शहर से फुटवियर, इंजीनियरिंग कंपोनेंट, मशीनरी के ऑर्डर ई-वे बिल न होने के कारण तीन दिन तक नहीं हो सके। अब मंगलवार से इनकी आपूर्ति शुरू की जाएगी। मंगलवार से ही रसोई गैस सिलेंडर भी घरों में आना शुरू होगा। चार दिन से रसोई गैस की आपूर्ति थमी हुई थी।

थम गए ट्रकों के पहिए
इंटरनेट सेवा बंद करा देने का असर माल की सप्लाई पर पड़ा। 50 हजार रुपये से ज्यादा के माल के ट्रांसपोर्टेशन के लिए ई-वे बिल जनरेट नहीं हुए। इससे माल ट्रकों में लोड नहीं किया जा सका। जूता, किराना, संगमरमर, टाइल्स, सेनेटरी हार्डवेयर की आवक प्रभावित हुई। 

जनसेवा केंद्रों या अपने प्रतिष्ठान से इंटरनेट कनेक्शन के जरिए ई-वे बिल नहीं निकाला जा सका। सोल निर्माता दिलीप मित्तल ने बताया कि कंपनियों के ई-मेल ही नहीं मिल पाए। माल भेजने के लिए जरूरी ई-वे बिल जनरेट नहीं हुआ। सोमवार शाम को इंटरनेट चालू होने के बाद सबसे पहले ई-वे बिल जनरेट कराए गए ताकि मंगलवार से आपूर्ति बहाल हो सके।

ऑनलाइन एप के जरिए खाना ऑर्डर करने की सुविधा इंटरनेट न होने के कारण पूरी तरह से ठप हो गई। हर दिन 12 हजार आर्डर रुक गए। दरअसल, शहर में 650 से ज्यादा रेस्टोरेंट, फास्ट फूड के प्रतिष्ठान हैं, जहां से जोमेटो, स्विगी जैसे एप के जरिए खाना ऑर्डर कर पहुंचाया जाता है।

रेस्तरां संचालकों के अनुसार, हर दिन करीब 12 हजार से ज्यादा आर्डर ऑनलाइन मिलते हैं। इस दौरान रेस्टोरेंट और फास्ट फूड दुकानों की बिक्री 60 फीसदी तक घट गई। रेस्तरां संचालक संजीव जैन ने बताया कि ऑनलाइन ऑर्डर न होने से काफी नुकसान हुआ है।

चार दिन बाद शुरू होगी गैस सिलेंडर की आपूर्ति
रसोई गैस सिलेंडर की सप्लाई पर भी इंटरनेट सेवा बंद होने का असर पड़ा। उपभोक्ता टोल फ्री नंबर पर मोबाइल से गैस की बुकिंग करा देते हैं, जो गैस एजेंसियों पर सीधे पेट्रोलियम कंपनियों के जरिए पहुंचती है। इंटरनेट न होने के कारण गैस एजेंसियों के पास इंटरनेट बंद होने से पहले का ही ब्यौरा उपलब्ध था, जिसकी डिलीवरी तीन दिन तक की गई। 

सोमवार शाम को इंटरनेट चालू होने के बाद ही रसोई गैस की बुकिंग गैस एजेंसी संचालक देख सके। पेट्रोलियम कंपनी इंडेन ने डिजिटल पेमेंट पर जोर दिया था, लेकिन गैस डिलीवरी के दौरान इन चार दिनों में पेटीएम की जगह नगद ही चला।

इंटरनेट बंद होने का असर मोबाइल फोन की बिक्री पर भी पड़ा। एपल के मोबाइल फोन खरीदने के बाद इसे एक्टिवेट भी ऑनलाइन ही किया जाता है। जिन लोगों ने मोबाइल फोन खरीदा, उन्हें एक्टिवेशन के लिए सोमवार शाम तक का इंतजार करना पड़ा। 

शाह मार्केट में सिटी प्लाजा स्थित मोबाइल फोन विक्रेता पीयूष मल्होत्रा ने बताया कि तीन दिनों से व्यापार पर काफी असर पड़ा। एक्टिवेशन न होने के कारण सोमवार को जब इंटरनेट शुरू हुआ तो देर रात तक उन्हें और उनकी टीम को रुकना पड़ा। एक्टिवेशन के लिए रात तक काम किया गया।

आगरा में इंटरनेट बंद होने का असर जहां टैक्सी सर्विस, खाना ऑर्डर करने, फिल्मों की बुकिंग पर पड़ा ही कारोबारियों के लिए भी चार दिन मुश्किल भरे बीते। माल की सप्लाई के लिए जरूरी ई-वे बिल जनरेट नहीं हो सका। इससे जरूरी चीजों के ऑर्डर भेजने में देरी हुई। 

शहर से फुटवियर, इंजीनियरिंग कंपोनेंट, मशीनरी के ऑर्डर ई-वे बिल न होने के कारण तीन दिन तक नहीं हो सके। अब मंगलवार से इनकी आपूर्ति शुरू की जाएगी। मंगलवार से ही रसोई गैस सिलेंडर भी घरों में आना शुरू होगा। चार दिन से रसोई गैस की आपूर्ति थमी हुई थी।

थम गए ट्रकों के पहिए
इंटरनेट सेवा बंद करा देने का असर माल की सप्लाई पर पड़ा। 50 हजार रुपये से ज्यादा के माल के ट्रांसपोर्टेशन के लिए ई-वे बिल जनरेट नहीं हुए। इससे माल ट्रकों में लोड नहीं किया जा सका। जूता, किराना, संगमरमर, टाइल्स, सेनेटरी हार्डवेयर की आवक प्रभावित हुई। 

जनसेवा केंद्रों या अपने प्रतिष्ठान से इंटरनेट कनेक्शन के जरिए ई-वे बिल नहीं निकाला जा सका। सोल निर्माता दिलीप मित्तल ने बताया कि कंपनियों के ई-मेल ही नहीं मिल पाए। माल भेजने के लिए जरूरी ई-वे बिल जनरेट नहीं हुआ। सोमवार शाम को इंटरनेट चालू होने के बाद सबसे पहले ई-वे बिल जनरेट कराए गए ताकि मंगलवार से आपूर्ति बहाल हो सके।


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हर दिन 12 हजार आर्डर नहीं हो सके





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