अस्थमा पेशंट पिग्गी चोप्स इस तरह जीती हैं बेरोक जिंदगी!



प्रियंका चोपड़ा जितनी खुशमिजाज और कामयाब हैं, कोई सोच भी नहीं सकता था कि वह अस्थमा की मरीज भी हैं। अपने बारे में यह बात खुद प्रियंका ने ही कुछ साल पहले बताई थी। इसके बाद उन्होंने फार्मा कंपनी सिप्ला के साथ मिलकर सांस संबंधी रोगों के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए काम किया। इस दौरान प्रियंका चोपड़ा का एक विज्ञापन भी बहुत दिखाया जाता था, जिसमें वह इनहेलर के उपयोग को सुरक्षित बताती हैं। यहां जानें क्या होती है अस्थमा की बीमारी और प्रियंका एक आइकॉन होते हुए इस बीमारी को कैसे मैनेज करती हैं…

सबसे पहले यह जरूरी है
-हम प्रियंका चोपड़ा को आज एक शख्सियत के रूप में जानते हैं। वे बॉलिवुड की टॉप क्लास ऐक्ट्रेस हैं और हॉलिवुड में भी अपनी पहचान बना रही हैं। लेकिन यह सब उन्हें अचानक नहीं मिला है। इसके लिए उन्होंने लंबा सफर तय किया है, बहुत से संघर्ष किए हैं और साथ ही अपनी बीमारी को कभी खुद पर हावी नहीं होने दिया है।

-यही सबसे बड़ी और जरूरी बात है कि अस्थमा हो या कोई दूसरी बीमारी आप उसे कभी भी खुद पर हावी मत होने दीजिए। इसके लिए आप अपनी दिक्कतों को स्वीकारना सीखिए। कोई बीमारी है तो है…लोग क्या कहेंगे और क्या सोचेंगे जैसी बातों पर ध्यान देकर हमें अपनी बीमारी बढ़ने भी नहीं देना चाहिए और इसे अपने लिए शर्म का विषय भी नही बनाना चाहिए।

अस्थमा मुझे क्यों कंट्रोल करे?
-इनहेलर के विज्ञापन के दौरान प्रियंका को कहते सुना जा सकता है कि ‘मुझे पता था कि मुझे अपने अस्थमा को नियंत्रित करना है, इससे पहले कि ये मुझे नियंत्रित करने लगे।’ यह एक बहुत गहरी और गूढ़ बात है। कि कोई बीमारी आपको काबू में करे उससे पहले जरूरी है कि आप उस बीमारी को बढ़ने से ही रोक दो।

-इसके साथ ही प्रियंका यह भी कहती हैं कि वे अपनी समस्या को नियंत्रित रखने के लिए करती हैं। इसलिए अस्थमा उन्हें उनके लक्ष्य हासिल करने से रोक नहीं पाता है और वे #बेरोक जिंदगी का लुत्फ उठाती हैं। यानी जो उनका मन कहता है वे उस काम को जरूर करती हैं। साथ ही इस दौरान अपनी बीमारी को अपने दिमाग पर हावी नहीं होने देती हैं।

क्या है अस्थमा और कैसे होता है इलाज?-अस्थमा एक सांस संबंधी बीमारी है। यह बीमारी किसी भी व्यक्ति को बचपन से हो सकती है या बड़े होने पर भी कुछ खास स्थितियों में यह बीमारी किसी को अपने चंगुल में ले सकती है। जिन लोगों को अस्थमा होता है, उनमें सांस लेने में परेशानी, सांस फूलना, दिल की धड़कने बढ़ना और खांसी आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

-अस्थमा अपने लक्षणों के आधार पर हल्का और गंभीर हो सकता है। जिन लोगों को अस्थमा की समस्या होती है उन्हें सांस लेते समय अचानक दिक्कत होने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनकी सांस की नलियों में ब्लॉकेज हो जाने के कारण उनके शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित होता है।

अस्थमा के कारण और इलाज
-प्रदूषण, कैमिकल रिऐक्शन, किसी चीज से एलर्जी होना, स्मोकिंग करना, बहुत अधिक तनाव लेना, बहुत अधिक वजन बढ़ जाना जैसी स्थितियां अस्थमा के लिए जिम्मेदार होती हैं।

-अस्थमा या दमा के रोग को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता है। लेकिन दवाओं और इनहेलर्स के सहारे इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। पेशंट की स्थिति, उम्र और रहन-सहन की जानकारी के बाद डॉक्टर इस बारे में पेशंट को सलाह देते हैं।



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