टेस्ट खेलने वाले सबसे छोटे देश की कहानी, बड़े-बड़े दिग्गजों को पटखनी दी; अब सबसे बड़े देश से भिड़ंत


लंदन. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल नजदीक है. फाइनल में टीम इंडिया की भिड़ंत न्यूजीलैंड से होनी है. यह मुकाबला 18 से 22 जून तक साउथम्प्टन में होना है. आईसीसी की ओर से 2019 में टूर्नामेंट की शुरुआत की गई थी. 9 टीमों को मौका दिया गया है. आईसीसी की ओर से 12 देशों को टेस्ट खेलने की मान्यता है. इसमें न्यूजीलैंड की संख्या सबसे कम लगभग 51 लाख के आस-पास है. यानी उसे सबसे छोटा देश माना जा सकता है. वहीं भारत की जनसंख्या टेस्ट खेलने वाले देशों में सबसे ज्यादा है.

न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड को हराकर टेस्ट की नंबर-1 टीम बन गई है. टीम की इस सफलता को इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है कि टीम ने इंग्लैंड को उसी के घर में मात दी. न्यूजीलैंड की यह घर के बाहर यानी विरोधी टीम के मैदान पर सिर्फ 34वीं जीत है. टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज 1-0 से जीती. पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था, लेकिन उसमें भी न्यूजीलैंड की टीम हावी रही थी. दूसरे टेस्ट में कप्तान केन विलियमसन, तेज गेंदबाज टिम साउदी सहित कई दिग्गज नहीं खेल रहे थे. इसके बाद भी टीम को जीत मिली. यह टीम इंडिया के लिए बड़ा संदेश भी है.

घर में सभी मैच जीतने वाली इकलौती टीम

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में सभी टीमों को तीन सीरीज घर पर जबकि तीन सीरीज घर के बाहर खेलनी थी. लेकिन कोरोना के कारण कई सीरीज को स्थगित करना पड़ा था. इस दौरान न्यूजीलैंड की टीम घर में सभी मैच जीतने वाली इकलौती टीम रही. टीम ने सभी 6 मैच जीते. दूसरी ओर टीम इंडिया ने 9 में से 8 मैच में जीत दर्ज की, जबकि एक में उसे हार मिली. ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 9 में से 6 मैच जीते, दो में हार मिली.2019 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में हराया था

न्यूजीलैंड की टीम बड़े टूर्नामेंट में टीम इंडिया पर भारी रही है. इंग्लैंड में ही 2019 में खेले गए वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में टीम ने भारत को हराया था. इसके अलावा 2000 के आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में न्यूजीलैंड से भारत को मात दी थी. ऐसे में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भी टीम इंडिया न्यूजीलैंड को हल्के में नहीं लेना चाहेगी. न्यूजीलैंड ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के दौरान घर में टीम इंडिया काे दो मैचों की सीरीज में 2-0 से मात दी थी.

कोहली और विलियमसन का रिकॉर्ड लगभग बराबर

विराट कोहली ने टेस्ट में बतौर कप्तान 60 मैच खेले गए हैं. 36 में जीत मिली है, जबकि 14 मुकाबलों में हार मिली. दूसरी ओर न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने 36 मैच में कप्तानी की है और 21 मैच जीते हैं. 8 में हार मिली थी. यानी दोनों का जीत का प्रतिशत रिकॉर्ड लगभग बराबर है. विराेधी टीम के मैदान पर बतौर कप्तान विराट कोहली ने 30 मैच में से 13 जीते हैं, 12 हारे हैं. वहीं विलियमसन ने 11 में से 3 जीते हैं जबकि 6 में हार मिली है. यानी विदेशी मैदान पर जीत के मामले में कोहली का रिकॉर्ड अच्छा है.

बतौर कप्तन विराट कोहली ने 20 शतक लगाए हैं, विलियमसन ने 11

बतौर कप्तान विराट कोहली ने 60 मैच में 59 की औसत से 5392 रन बनाए हैं. 20 शतक और 15 अर्धशतक जड़े हैं. नाबाद 254 रन की पारी उनकी सबसे बड़ी पारी रही है. वहीं केन विलियमसन ने बतौर कप्तान 36 मैच में 61 की औसत से 3092 रन बनाए हैं. 11 शतक और 13 अर्धशतक जड़े हैं. 251 रन की पारी उनकी सबसे बड़ी पारी है. ऐसे में दोनों कप्तान फाइनल में इस प्रदर्शन को बरकरार रखना चाहेंगे.

फाइनल के लिए रिजर्व डे

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए 23 जून को एक रिजर्व डे भी रखा गया है. इसका उपयोग तभी होगा जबकि पांच दिन में खेल के पूरे ओवर नहीं हो सकेंगे. इसका फैसला मैच रेफरी करेगा. अगर मैच ड्रॉ या टाई होता है तो दोनों टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया जाएगा. अब तक सिर्फ एक बार 2002 में भारत और श्रीलंका के बीच हुए चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में संयुक्त विजेता देखने को मिला था.

कोहली के पास रिकॉर्ड बनाने का मौका

बतौर कप्तान कपिल देव, सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी ही आईसीसी ट्रॉफी जीत सके हैं. अब लिस्ट में विराट कोहली भी शामिल हो सकते हैं. कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया ने 1983 में वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता था. सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम 2002 में चैंपियंस ट्रॉफी में चैंपियन बनीं. वहीं महेंद्र सिंह धोनी ने 2007 में टी20 वर्ल्ड कप, 2011 में वनडे वर्ल्ड और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब दिलाया.





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