चंडीगढ़ में छात्र ने शुरू की भूख हड़ताल, कहा- PU में हो रहा दिव्यांग स्टूडेंट्स के अधिकारों का हनन

दृष्टिहीन स्टूडेंट के साथ एक सहायक अनिवार्य रूप से रहता है लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी उनके इस अधिकार का लगातार हनन कर रही है। पीयू प्रशासन मामले पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसा ही मामला है पंजाब यूनिवर्सिटी के ह्यूमन राइट्स डिपार्टमेंट से पीएचडी कर रहे छात्र धीरू यादव का। धीरू सौ फीसद दृष्टिहीन हैं। दो वर्षों से वह पंजाब यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रहे हं। उनके सहायक की भूमिका में हिस्ट्री डिपार्टमेंट में पीएचडी कर रहे अरविंद हैं। कोरोना काल से पहले तक धीरू और अरविंदर को एक ही हॉस्टल में रखा जा रहा था। धीरू ज्यादातर काम में अरविंद पर निर्भर था लेकिन कोरोना के चलते दोनों के हॉस्टलों को अलग-अलग कर दिया। धीरू यादव हॉस्टल नंबर-3 में रह रहे हैं जबकि अरविंद को हॉस्टल नंबर-2 में शिफ्ट कर दिया गया है।

धीरू ने बताया कि हॉस्टल नंबर-3 में खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं है। खाने-पीने के लिए हॉस्टल नंबर-2 जाना पड़ता है लेकिन अकेले में वहां पर तक जाना मुश्किल है। ऐसे में अरविंद पहले हास्टल नंबर-3 आता है और उन्हें साथ लेकर हॉस्टल नंबर-2 में खाना खिलाता है। इसके चलते अरविंद का काम बहुत ज्यादा बढ़ गया है।

वीसी आफिस में दिया ज्ञापन, शुरू की भूख हड़ताल

धीरू ने खुद की परेशानी से अवगत कराने के लिए वाइस चांसलर में ज्ञापन दिया है। इसके बाद डीन रिसर्च को भी खुद की परेशानी लिखित में बता चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में धीरू और अरविंद ने वाइस चांसलर आफिस के बाहर भूख हड़ताल शुरू की है। उन्होंने पीयू प्रशासन को क्लियर किया है कि जब तक उनकी परेशानी को दूर नहीं किया जाता, वह हड़ताल से उठने वाले नहीं है। मंगलवार को धीरू की शुरू हुई भूख हड़ताल का दूसरा दिन है।

 

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