52 साल की उम्र में Bhagyashree ने किया Deadlifts वर्कआउट, जल्दी होता Weight loss; फौलादी बन जातीं हैं हड्डियां



जब फिटनेस की बात आती है, तो हर कोई कुछ न कुछ नया तरीका आजमाना चाहता है। वेट लॉस के लिए कोई घरेलू नुस्खे आजमाता है तो कोई अपने डेली रूटीन में नई एक्सरसाइज को जोड़ता है। फिटनेस मैंटेन करनी की कोई उम्र नहीं होती है आप कभी भी खुद को फिट रखने की चुनौती दे सकते हैं। बस जरूरत है तो जज्बे और मेहनत की। हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री (Bhagyashree) ने इंस्टाग्राम पर अपनी डेडलिफ्ट की एक झलक साझा की। इसके साथ ही उन्होंने फैंस को अपनी हेल्थ, डाइट और लाइफ के अन्य पहलुओं के बारे में भी बताया। बहरहाल, इस आर्टिकल में हम आपको भाग्यश्री द्वारा किए जाने वाले डेडलिफ्ट वर्कआउट के स्वस्थ्य लाभों के बारे में बताएंगे।

यूं तो भाग्यश्री (Bhagyashree) आए दिन ही लोगों को फिटनेस के प्रति जागरुक करती हैं लेकिन इस बार तो उन्होंने Deadlifts जैसी हैवी एक्सरसाइज कर सबको चौंका दिया है।

52 साल की उम्र में Bhagyashree ने किया Deadlifts वर्कआउट, जल्दी होता Weight loss; फौलादी बन जातीं हैं हड्डियां

जब फिटनेस की बात आती है, तो हर कोई कुछ न कुछ नया तरीका आजमाना चाहता है। वेट लॉस के लिए कोई घरेलू नुस्खे आजमाता है तो कोई अपने डेली रूटीन में नई एक्सरसाइज को जोड़ता है। फिटनेस मैंटेन करनी की कोई उम्र नहीं होती है आप कभी भी खुद को फिट रखने की चुनौती दे सकते हैं। बस जरूरत है तो जज्बे और मेहनत की।

हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री (Bhagyashree) ने इंस्टाग्राम पर अपनी डेडलिफ्ट की एक झलक साझा की। इसके साथ ही उन्होंने फैंस को अपनी हेल्थ, डाइट और लाइफ के अन्य पहलुओं के बारे में भी बताया। बहरहाल, इस आर्टिकल में हम आपको भाग्यश्री द्वारा किए जाने वाले डेडलिफ्ट वर्कआउट के स्वस्थ्य लाभों के बारे में बताएंगे।

​भाग्यश्री ने रूटीन में जोड़ा नया वर्कआउट
​भाग्यश्री ने रूटीन में जोड़ा नया वर्कआउट

भाग्यश्री ने अपने वर्कआउट पोस्ट को साझा करते हुए लिखा, ‘first-ever deadlifts (पहली बार डेडलिफ्ट कर रही हैं)। कुछ भी नया करने के लिए देरी नहीं होती, अपने आपको कमजोर मत समझो और न ही हार मानने से डरो।’ वैसे तो एक्‍ट्रेस सोशल मीडिया पर आए दिन ही वर्कआउट पोस्ट से लेकर आयुर्वेदिक नुस्खे साझा करती हैं।

लेकिन उनका ये लेटेस्ट वर्कआउट पोस्ट और कैप्शन में लिखी गई बातें हम सबके लिए एक प्रेरणा है। 52 साल की उम्र में डेटलिफ्ट वाला वीडियो वाकई मोटिवेटिड है और कैप्शन भी फिटनेस के लिए ऊर्जा भरने वाला है।

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​कैसे करें डेडलिफ्ट
​कैसे करें डेडलिफ्ट

डेडलिफ्ट करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बॉडी पोस्चर होता है।

इसे करने के लिए शुरुआत में बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं।

पैरों के बीच आधा फुट गैप बनाएं और घुटनों को थोड़ा सा मोड़े।

डेडलिफ्ट करते वक्त हिप को जितना हो सके उतना पीछे की ओर खींचे।

टांगों के सामने की बजाय बारबेल को बाहर से होल्ड करें।

अपनी एड़ियों को फर्श की ओर पुश करें और वजन उठाते समय सामने की ओर देखें।

अब रॉड दोनों हाथों से पकड़कर सीधा खड़े हो जाएं।

अब रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए फिर से सीधी पॉजीशन में आए और फिर से वही दोहराएं।

​डेडलिफ्ट करने से मजबूत होती हैं हड्डियां
​डेडलिफ्ट करने से मजबूत होती हैं हड्डियां

डेडलिफ्ट्स को बेहतर कोर ताकत और शरीर को स्थिरता देने के लिए जाना जाता है जो मांसपेशियों के निर्माण और वेट लॉस में मदद करता है। जबकि कई लोग मानते हैं कि भार प्रशिक्षण (Weight Training) महिलाओं को ‘बल्क अप’ यानी मर्दाना बना सकता है, हालांकि ऐसा नहीं है। एक्सपर्ट मानते हैं कि इस तरह की वेट ट्रेनिंग हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद करती है।

बता दें कि जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है तो आपके जोड़ों में हड्डियों से संबंधित समस्याओं का खतरा कम होता जाता है और ऐसी एक्सरसाइज से आप खुद को मजबूत बनाकर राहत पा सकते हैं।

​डेडलिफ्ट में एक साथ वर्कआउट करते हैं मेजर मसल्स
​डेडलिफ्ट में एक साथ वर्कआउट करते हैं मेजर मसल्स

K11 एकेडमी ऑफ फिटनेस साइंसेज के सर्टिफाइड फिटनेस ट्रेनर समीरन चेतिया कहते हैं कि ‘डेडलिफ्ट एक नैचुरल मूवमेंट है जिसे हम रेगुलर बेसिस पर करते हैं। इसके जरिए आप अपने बॉडी पोस्चर में सुधार कर सकते हैं या कहें बेहतर बना सकते हैं। इसके अतिरिक्त डेडलिफ्ट के जरिए हमारी सभी मेजर मसल्स एक साथ कसरत करते हैं जो संपूर्ण सेहत के विकास में सहायक होता है। इससे हमारा शरीर मजबूत बनता है।’

​नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है डेटलिफ्ट
​नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है डेटलिफ्ट

चेतिया के अनुसार, ‘डेली वेट लिफ्टिंग करने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है।’ अच्छी नींद लेने के बाद व्यक्ति दिनभर के लिए एक्टिव रहता है और कुशलता से काम करने में सक्षम होता है। आप इस मशीन के अलावा भी वेट लिफ्टिंग की प्रैक्टिस कर सकते हैं, जैसे गैस सिलेंडर या किसी अन्य भारी सामान को उठाना।

​टेस्टेस्टेरोन लेवल बढ़ाने में मददगार डेडलिफ्ट वर्कआउट
​टेस्टेस्टेरोन लेवल बढ़ाने में मददगार डेडलिफ्ट वर्कआउट

डेडलिफ्ट करने से हार्मोन्स भी बढ़ता है। चूंकि डेडलिफ्ट सबसे अच्छी कंपाउंड एक्‍सरसाइज है और इसे करने में शरीर के सभी मेजर मसल्स का प्रयोग होता है। इसलिए इसमें काफी अधिक जोर लगता है और इसलिए टेस्टेस्टेरोन लेवल भी बढ़ता है। डेडलिफ्ट के 8 से 10 रैप शरीर मेंटेस्टेस्टेरोन और हार्मोन ग्रोथ के लेवल को इनक्रीज करते हैं।





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