पंजाब: बेअदबी में घिरी शिअद, एयर स्ट्राइक पर करतारपुर कॉरिडोर भारी

पंजाबी सूबे को बीच से चीरती भारत और पाकिस्तान की जीरो लाइन पर लगे कंटीले तार। डेरा बाबा नानक के पास भारत के करतारपुर स्थल से मनप्रीत सिंह पाकिस्तान में बने गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब की झलक का इंतजार कर रहे थेे। करतारपुर कॉरिडोर के लिए पाकिस्तान में तेजी से सड़क बनाई जा रही थी, जिसकी उड़ती धूल में श्री करतारपुर साहेब आंखों से ओझल हो रहा था।

करीब 20 मिनट बाद उन्हें गुरुद्वारे की झलक मिली, आंखों में तसल्ली का भाव दिखा। मनप्रीत खुश थे कि वे पाकिस्तान जाकर श्री करतारपुर साहेब जा पाएंगे। इसका श्रेय वे नवजोत सिंह सिद्धू को देते हुए कहते हैं- जिस तेजी से पाकिस्तान सड़क बना रहा है उस तेजी से भारत में काम नहीं हो रहा है। वे सीधे बोलते हैं, चुनाव में इसका सीधा असर होगा। एयर स्ट्राइक को वे तमाशा करार देते हैं। पंजाब में इस मुद्दे के अलावा बेअदबी का मुद्दा भी ज्यादा प्रभावी है।

अमृतसर में करतारपुर काॅरिडोर का मुद्दा गरम है। यहां नवजोत सिंह सिद्धू को इसका क्रेडिट मिल रहा है, ऐसे में कांग्रेस को सीधा फायदा हो सकता है। यहां उपचुनाव में जीते गुरजीत सिंह को कांग्रेस ने दोबारा टिकट दिया है। भाजपा ने 2014 में यहां अरुण जेटली को उतारा था। वे हार गए थे। इस बार भाजपा ने सिख समीकरण को देखते हुए राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी को टिकट दिया हैै। इन्हें लोग बाहर से लाए गए उम्मीदवार के तौर पर देख रहे हैं। जबकि कंाग्रेस उम्मीदवार मिलनसार स्वभाव के कारण ज्यादा लोकप्रिय हैं।

हाेशियारपुर में दो दशक से कोई भी पार्टी लगातार दोबारा चुनाव नहीं जीत पाई है। पिछली बार यहां भाजपा के विजय सांपला जीते थे। इस बार भाजपा ने उनका टिकट काटकर सिटिंग विधायक सोमप्रकाश काे दिया है। जबकि कांग्रेस की ओर से डॉ. राजकुमार चब्बेवाल मैदान में हैं। सांपला के खिलाफ क्षेत्र में नाराज़गी है। माना जा रहा है कि भाजपा ने सोम प्रकाश को टिकट देकर वापसी की है। सोमप्रकाश को अच्छी छवि का फायदा मिल सकता है। 2009 के चुनाव में वे सिर्फ 500 वोटों के अंतर से हारे थे।

फरीदकोट अकालियों का गढ़ माना जाता है। पिछली बार यहां आप से प्रोफेसर साधू सिंह जीते थे। आप ने इन्हें फिर टिकट दिया है। शिअद ने गुलजार सिंह राणिके और कांग्रेस ने मोहम्मद सद्दीक को टिकट दिया है। यहां बेअदबी का मुद्दा गरम है। शिअद इसी में घिरी हुई है।

फिरोजपुर से शिअद चीफ सुखबीर सिंह बादल मैदान में हैं। पिछली पांच बार से यहां शिअद जीत रही हैै। पिछली बार यहां से शेर सिंह घुबाया जीते थे, जो बाद में कांग्रेस में चले गए। कांग्रेस ने उन्हें ही टिकट दिया है। आप ने यहां हरजिंदर सिंह काका को टिकट दिया है। बता दें-आप पिछली बार यहां एक लाख से ज्यादा वोट ले गई थी। यहां कांग्रेस कई धड़ों में बंटी हुई है। ऐसे में सुखबीर सिंह बादल मजबूत दिख रहे हैं।

बठिंडा में पिछली तीन बार से शिअद जीत रहा है। दो बार से तो सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर यहां से सांसद हैं। वे इस बार भी मैदान में हैं। कांग्रेस ने यहां अमरिंदर सिंह राजा और आप ने प्रोफेसर बलजिंदर कौर को टिकट दिया है। यहां पंजाब एकता पार्टी ने सुखपाल सिंह खेहरा को उतारा है। ये शिअद का वोट काटेंगे। ऐसे में टक्कर कांटे की है। बेअदबी के असर को कम करने के लिए परकाश सिंह बादल खुद अपनी बहू के लिए यहां प्रचार में उतरे हैं। यहां इनकी स्थिति चिंताजनक है।

लुधियाना में पिछली बार कांग्रेस के रवनीत सिंह बिट्‌टू सांसद चुने गए थे। इस बार कांग्रेस ने उन्हें टिकट दिया है। रवनीत पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते हैं। शिअद ने उनके मुकाबले में महेश इंदर सिंह ग्रेवाल को उतारा हैै। यहां मुख्य मुकाबला कांग्रेस के रवनीत और पीडीए के सिमरनजीत सिंह के बीच है। कांग्रेस बढ़त में दिखती है।

संगरूर में पिछली बार आप के भगवंत मान जीते थे। वे दोबारा मैदान में हैं। शिअद की ओर से परमिंदर सिंह ढींढसा को टिकट मिला है। कांग्रेस ने केवल सिंह ढिल्लो को उतारा है। यहां गांवों में भगवंत मान की पकड़ अच्छी है। आप और कांग्रेस में रोचक मुकाबला हो सकता है।

पटियाला में 2014 में आप के धरमवीर गांधी ने अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर को 21 हजार वोटों से हराया था। कांग्रेस ने परनीत को फिर टिकट दिया है। हालांकि इस बार धरमवीर आप छोड़कर नवा पंजाब पार्टी बना चुके हैं, जो कि पीडीए का हिस्सा है। शिअद ने यहां सुरजीत सिंह रखड़ा को टिकट दिया है। यहां कांग्रेस और पीडीए के बीच रोचक मुकाबला है।

श्री आनंदपुर साहिब, फतेहगढ़ साहिब और खडूर साहिब पंथक सीटें मानी जाती है। इस कारण यहां बेअदबी का मसला ज्यादा प्रभावी है। जिसका सीधा नुकसान शिअद को हो सकता है।

असर दिखाएगा बेअदबी का मुद्दा
1 जून 2015 को फरीदकोट के गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से किसी अज्ञात ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप चोरी कर लिए। बरगाड़ी गुरुद्वारा के ग्रंथी बुध सिंह के अनुसार 12 अक्टूबर 2015 की सुबह करीब चार बजे गुरुद्वारा साहिब के बाहर पवित्र स्वरूपों के अंग बिखरे देखे गए। विरोध-प्रदर्शनों के बीच 14 अक्टूबर की सुबह तक कोटकपुरा चौक में करीब चालीस हजार लोगों की सिख संगत जुटी। इस दौरान पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सरकार थी। प्रदर्शनों के इसी दौर के बीच फायरिंग में दो युवकों की मृत्यु हो गई। बेअदबी का यह मुद्दा लुधियाना, फरीदकोट, बठिंडा, संगरूर, पटियाला, श्री अानंदपुर साहिब, फतेहगढ़ साहिब और फिरोजपुर में असर डाल सकता है। यही वजह रही कि 2012 में 56 सीटें जीतकर सरकार बनाने वाली शिअद 2017 में यहां 15 सीटों पर सिमट गई।

दलों की स्थिति

कांग्रेस और आप अकेले मैदान में है। भाजपा-अकाली दल साथ है। पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस असर दिखा सकता है। इसमें पंजाब एकता पार्टी, बीएसपी, लोक इंसाफ पार्टी, पंजाब मंच, सीपीआई और रिवॉल्यूशनरी मार्किस्ट पार्टी ऑफ इंडिया शामिल हैं।

2014 की स्थिति

स्थान पार्टी
अमृतसर कांग्रेस
आनंदपुर साहिब शिअद
बठिंडा शिअद
फरीदकोट आप
फतेहगढ़ साहिब आप
फिरोजपुर शिअद
गुरदासपुर भाजपा
होशियारपुर भाजपा
जालंधर कांग्रेस
खदूर साहिब शिअद
लुधियाना कांग्रेस
पटियाला आप
संगरूर आप

Ground report from punjab lok sabha seats

Source link

81 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *