सबसे अमीर क्षेत्रीय दल है समाजवादी पार्टी, कहां से आते हैं इतने पैसे?

Samajwadi party is richest all regional political parties

क्षेत्रीय दलों (Regional Parties) में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) सबसे अमीर (rich) पार्टी है. एक नए रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ है. एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने साल 2016-17 और 2017-18 के आंकड़े जुटाकर विभिन्न क्षेत्रीय दलों की कुल संपत्ति की जानकारी दी है. इस रिपोर्ट के मुताबिक समाजवादी पार्टी के पास कुल 583.29 करोड़ की संपत्ति है.

ये सभी क्षेत्रीय दलों की कुल संपत्ति का 46 फीसदी है. यानी सभी क्षेत्रीय दलों को मिलाकर जितनी संपत्ति बनती है, उसका 46 फीसदी अकेले समाजवादी पार्टी के पास है. क्षेत्रीय दलों की सबसे अमीर पार्टियों में दूसरा नंबर डीएमके का है. डीएमके के पास कुल 191.64 करोड़ की संपत्ति है. ये सभी क्षेत्रीय दलों की कुल संपत्ति का 15 फीसदी है.

इसके बाद एआईएडीएमके का नंबर आता है. एआईएडीएमके के पास कुल 189.54 करोड़ की संपत्ति है. इन तीन पार्टियों के अलावा टीडीपी ऐसी चौथी पार्टी है, जिसके पास 100 करोड़ की संपत्ति है. इन चार पार्टियों के अलावा 8 दूसरी क्षेत्रीय पार्टियों ने 10 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति बताई है. आम आदमी पार्टी का नंबर 13वां है. उसने कुल 6 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का ऐलान किया है.

2016-17 में कुल 39 क्षेत्रीय पार्टियों ने अपनी संपत्ति का ऐलान किया था. इनके पास कुल 1,267.81 करोड़ की संपत्ति थी. 2017-18 में कुल 41 क्षेत्रीय दलों ने अपनी संपत्ति के बारे में बताया. इनके पास कुल 1,320.06 करोड़ रुपए की संपत्ति थी.

संपत्ति के मामले में लगातार पहले नंबर पर समाजवादी पार्टी

इन दो वर्षों में जेडीयू की संपत्ति में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ. जेडीयू की संपत्ति तीन गुना बढ़ी है. जेडीयू की संपत्ति 3.46 करोड़ रुपए से बढ़कर 13.78 करोड़ रुपए हो गई. इसी दौरान टीआरएस की संपत्ति 14.49 से बढ़कर 29.04 और जेडीएस की संपत्ति 7.61 करोड़ रुपए से बढ़कर 15.44 करोड़ रुपए हो गई.

एडीआर की रिपोर्ट में समाजवादी पार्टी क्षेत्रीय दलों में सबसे अमीर पार्टी है. इसके पहले साल 2018 में भी वो सबसे अमीर पार्टी थी. एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक समाजवादी पार्टी की संपत्ति 2016-17 में 571 करोड़ रुपए थी. जो साल 2017-18 में 2.13 फीसदी बढ़कर 583 करोड़ रुपए हो गई.

2011 से 2016 के बीच 200 गुना बढ़ी समाजवादी पार्टी की संपत्ति

एडीआर ने पिछले साल भी इसी तरह की रिपोर्ट जारी की थी. इस रिपोर्ट में समाजवादी पार्टी की संपत्ति के 200 गुना बढ़ने का पता चला था. एडीआर ने 2011-2 से लेकर 2015-16 के बीच क्षेत्रीय दलों की संपत्ति की पड़ताल की थी. पता चला कि इस दौरान समाजवादी पार्टी की कुल संपत्ति में करीब 200 गुना का इजाफा हुआ था. एआईएडीएमके भी इसमें आगे थी. इस दौरान एआईएडीएमके की संपत्ति में 155 गुना की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई.

2011-12 के दौरान समाजवादी पार्टी ने 212.86 करोड़ की संपत्ति की ऐलान किया था. जो 2015-16 में बढ़कर 634.96 करोड़ हो गई. ये 198 गुना ज्यादा थी. इसी तरह से 2011-12 में एआईएडीएमके ने 88.21 करोड़ संपत्ति की जानकारी दी थी, जो 2015-16 में बढ़कर 224.87 करोड़ रुपए हो गई. इस दौरान शिवसेना की संपत्ति में 92 गुना का इजाफा हुआ था. 2011-12 में शिवसेना के पास 20.59 करोड़ रुपए थे, जो 2015-16 में बढ़कर 39.568 करोड़ रुपए हो गए थे.

2016-17 के दौरान समाजवादी पार्टी ने कमाई से ज्यादा खर्च किए

इसी तरह से 2016-17 के दौरान भी समाजवादी पार्टी सबसे अमीर पार्टी थी. इस दौरान समाजवादी पार्टी ने 82.76 करोड़ रुपए की कमाई की थी. हालांकि इसी दौरान पार्टी ने 147.10 करोड़ रुपए खर्च भी कर दिए. 2016-17 में कमाई से ज्यादा खर्च इसलिए हुआ क्योंकि उसी दौरान यूपी के चुनाव हुए थे.

समाजवादी पार्टी ने चुनाव प्रचार में खूब पैसा खर्च किया था. हालांकि उसके बावजूद अखिलेश सरकार सत्ता में वापसी नहीं कर पाई. लेकिन सबसे अमीर क्षेत्रीय पार्टी का उसका तमगा अब भी बरकरार है.

कहां से आता है इन पार्टियों के पास पैसा?

समाजवादी पार्टी की तरह बाकी क्षेत्रीय दलों को चंदे से सबसे ज्यादा पैसा आता है. इन्हें फंड करने वालों में बड़े-बड़े व्यवसायी और कारोबारी होते हैं. पार्टी के सदस्य भी चंदे में भारी भरकम रकम देते हैं. क्षेत्रीय दलों पर कई बार गलत तरीके से फंड जमा करने के आरोप भी लगते रहे हैं. बीएसपी जैसे दल के नेता चुनावों के दौरान टिकट बेचने के आरोप तक लगाते रहे हैं.

इसी तरह के एक मामले में समाजवादी पार्टी के खाते में एक शख्स के पैसे जमा कराने की जानकारी सामने आई थी. 2012 के चुनावों के दौरान सुदीप सेन नाम के एक व्यक्ति ने तीन बार करीब 1.50 करोड़ रुपए समाजवादी पार्टी के खाते में जमा करवाए थे. इससे पहले उनकी पत्नी अदिति सेन ने भी पार्टी फंड में 2011 से 2014 के बीच 9 बार 25-25 लाख, एक बार 15 लाख, दो बार 10-10 लाख, एक बार 6 लाख, एक बार 5 लाख और उससे पहले दो बार 2-2 लाख रुपए जमा करवाए थे. इनके पार्टी फंड में इतने पैसे जमा करवाने को लेकर काफी चर्चा हुई थी.

सुदीप सेन कोलकाता में एक कल्चरल इंस्टीट्यूट चलाते थे. 2013 में अखिलेश यादव की सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश टूरिज्म कॉरपोरेशन का चेयरमैन बना दिया था. आरोप लगे कि इसी वजह से दंपत्ति ने समाजवादी पार्टी के फंड में इतने पैसे जमा करवाए.

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